दूसरे टेस्ट से पहले भारत को ओपनिंग जोड़ी पर लेना होगा फैसला

By Jagatvisio :10-01-2018 07:04


साउथ अफ्रीका दौरे पर गई टीम इंडिया पहला टेस्ट मैच हारकर अब दूसरे टेस्ट पर अपना ध्यान लगा रही है। सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच सेंचुरियन में खेला जाएगा और यहां कि पिच भी केप टाउन की तरह ही तेज और उछाल भरी होगी। टीम इंडिया के बोलर्स के लिए यह एक बार फिर बोलिंग करने के लिए शानदार ट्रैक होगा। लेकिन उसकी बैटिंग के लिए यह एक और चुनौती होगी। 
सीरीज के पहले टेस्ट में टीम इंडिया ने अपने सभी 10 विकेट मैच के चौथे दिन करीब दो सेशन से पहले ही गंवा दिए। इस टेस्ट में केपटाउन के खिलाड़ी वर्नोन फिलैंडर भारत के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं थे, जिन्होंने भारत की इस पारी में कुल 6 विकेट अपने नाम किए। इन 6 बल्लेबाजों में दो पुछल्ले बल्लेबाजों के अलावा एक बोलिंग ऑलराउंडर (अश्विन), यहां संघर्ष कर रहे ओपनर (विजय) और कोहली और रोहित शर्मा समेत दो मिडल ऑर्डर बल्लेबाज थे। 

इस मैच में अपने करियर का बेस्ट स्पेल (6/42) डालने वाले फिलैंडर ने इस मैच का रुख पूरी तरह अपनी टीम के खेमे में कर लिया। बॉल को दोनों ओर स्विंग करने की महारत रखने वाले फिलैंडर से भारत को सेंचुरियन में भी ऐसी ही चुनौती मिलेगी। फिलैंडर भले ही साउथ अफ्रीकी खेमे में मौजूद दूसरे तेज गेंदबाजों की अपेक्षा में कुछ धीमी गति के बोलर हों, लेकिन उनकी यह कम गति और बॉल को स्विंग करने की महारत उनके इस स्टाइल को यहां खूब रास आती है। 

साउथ अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज फेनी डि विलियर्स मानते हैं कि सेंचुरियन के इस छोटे मैदान पर टीम इंडिया के लिए तभी कोई चांस बन सकता है, जब उसके ओपनर्स यहां अपनी टीम के लिए एक अच्छी शुरुआत करें। फेनी कहते हैं कि वह भले ही अपने घर सेंचुरियन में होने वाले मैच के दौरान यहां नहीं होंगे, लेकिन बावजूद इसके वह इस मैच का कोई पल मिस करना नहीं चाहेंगे। मैच के दौरान फैनी डि विलियर्स सफर पर होंगे। 

टीम इंडिया के ओपनर्स शिखर धवन और मुरली विजय का पहले टेस्ट में हाल देखकर ऐसा बहुत आसान नहीं लगता है। टीम इंडिया के कैंप में उनके ओपनर्स को लेकर चिंता गहरी होगी। के. एल. राहुल के टीम में होते हुए शिखर धवन को मौका मिलना हैरानी भरा ही है, वहीं मुरली विजय भी ऑफ स्टंप के बाहर जाती बॉल को छेड़ रहे हैं। पिछली बार दिसंबर 2013 में जब भारत ने यहां का दौरा किया था, तो इन दोनों ओपनर्स ने यहां 2 टेस्ट खेले थे। तब भारत ने वान्डर्स में एक टेस्ट ड्रॉ कराया था और किंग्समेड डरबन टेस्ट में उसे 10 विकेट से हार मिली थी। दोनों टेस्ट में धवन और विजय की जोड़ी ने भारतीय पारी की शुरुआत की थी। विजय ने भले ही डरबन टेस्ट में 97 रन बनाए थे, लेकिन शिखर धवन तब भी यहां संघर्ष ही करते दिखे थे। 

Source:Agency