सिद्धारमैया बोले- हिंदू मैं भी, लेकिन बीजेपी-RSS में इंसानियत नहीं

By Jagatvisio :12-01-2018 05:08


कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के आरएसएस और बीजेपी के कार्यकर्ताओं को हिंदू उग्रवादी बताने पर राजनीति गर्मा गई है. वहीं मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने बयान के कुछ घंटों के बाद ही उसमें और एक बात जोड़ दी है. सिद्धारमैया ने कहा कि उनका कहना था कि वे लोग हिंदू उग्रवादी हैं. मैं भी हिंदू हूं, पर मेरे में इंसानियत है. वे लोग हिंदू हैं, लेकिन उनमें इंसानियत नहीं है.

आपको बता दें कि दो दिन में सिद्धारमैया का बीजेपी और आरएसएस पर यह तीसरा हमला था. सूत्रों के अनुसार कांग्रेस द्वारा कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तैयारी में भी सॉफ्ट हिंदुत्व को शामिल करने के बाद सिद्धारमैया लगातार हिंदुत्व से जुड़े बयान दे रहे हैं. इस बार कांग्रेस के बयानों में धार भी है.

वहीं बीजेपी भी इस बयान पर तीखे हमले कर रही है. बीजेपी के कर्नाटक से सांसद प्रह्लाद जोशी ने सिद्धारमैया को एंटी नैशनल बताया और राहुल गांधी से इस मसले पर बयान की मांग की.

आपको बता दें कि कर्नाटक में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच अब जुबानी जंग काफी तेज हो गई है. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के आरएसएस और बीजेपी के कार्यकर्ताओं को हिंदू उग्रवादी बताने पर बीजेपी ने पलटवार किया है. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि कांग्रेस पार्टी का हिंदुओं के प्रति रुख खुल कर सामने आ गया है. इसमें कुछ नया नहीं है.

पात्रा ने कहा कि पहले भी कांग्रेस सरकार के दौरान हिंदू आतंकवाद की बात सामने लाई गई थी. अब एक बार फिर कर्नाटक में इस मुद्दे को उठाया जा रहा है. पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी जनेऊ पहनकर अस्थाई हिंदू बनने की कोशिश कर रहे हैं. कांग्रेस की सोच अब सामने आ रही है. पात्रा ने इस दौरान विकीलीक्स द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के हिंदू टेरर वाले खुलासे का भी जिक्र किया.

जेल भरो आंदोलन!

आपको बता दें कि सिद्धारमैया के इस बयान के बाद बीजेपी फुल एक्शन मोड में आ गई है. राज्य की बीजेपी नेता शोभा करंदलजे ने ऐलान किया है कि बीजेपी कार्यकर्ता शुक्रवार को पूरे कर्नाटक में जेल भरो आंदोलन करेंगे. उन्होंने कहा कि हम सरकार से कहेंगे चूंकि हम बीजेपी और आरएसएस से हैं, इसलिए हमें गिरफ्तार कर लीजिए.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमारे ऊपर बैन की बात करती है लेकिन उन्होंने खालिस्तान, उल्फा और लिट्टे का समर्थन किया है. मुख्यमंत्री को अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए.

क्या बोले थे सिद्धारमैया...

बीजेपी, आरएसएस और बजरंग दल एक तरह के आतंकवादी हैं. जो भी समाज की शांति को भंग करते हैं उन्हें सरकार को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए. चाहे वो पीएफआई हो, एसडीपीआई हो या वीएचपी, आरएसएस. बाद में सिद्धारमैया ने कहा कि मेरा मतलब था कि बीजेपी और आरएसएस एक हिंदू उग्रवादी हैं.

पहले भी किया था पलटवार

बता दें कि बुधवार को भी सिद्धारमैया के हमले के बाद बीजेपी ने भी पलटवार किया था. बीजेपी कर्नाटक के ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया गया कि सिद्धारमैया चुनाव का ध्रुवीकरण कर रहे हैं. एक तरफ वो बीजेपी-आरएसएस को आतंकी संगठन कह रहे हैं दूसरी तरफ स्थानीय कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश बीजेपी पर बैन की मांग कर रहे हैं. बीजेपी की ओर से ट्वीट में लिखा गया कि उन्हें समझना चाहिए कि ये 1975 नहीं है और आज इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री नहीं हैं.  

गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी बुधवार को कर्नाटक में ही थे. शाह ने यहां पर परिवर्तन यात्रा की रैली में हिस्सा लिया था. अमित शाह ने रैली में कहा कि सिद्धारमैया सरकार एंटी हिंदू है और वोटबैंक की राजनीति कर रही है. शाह ने कहा कि जो पैसा मोदी सरकार राज्य के विकास के लिए भेज रही है, वह कहां जा रहा है. शाह ने यहां बीजेपी की सरकार बनाने का आह्वान किया.

बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव अप्रैल के महीने में होने हैं. राज्य की 225 विधानसभा सीटों में से मौजूदा समय में कांग्रेस के पास 121, बीजेपी के पास 40 और जनता दल (एस) के पास 40 सीटें है. बाकी 24 सीटें अन्य के पास है.

Source:Agency