फ्यूचर ग्रुप में हिस्सेदारी खरीदने की रेस में ऐमजॉन और अलीबाबा

By Jagatvisio :06-02-2018 07:32


फ्यूचर ग्रुप में पहले हिस्सेदारी कौन खरीदेगा- ऐमजॉन या अलीबाबा ग्रुप? ऐसा लग रहा है कि अभी ऐमजॉन इस रेस में आगे चल रहा है। फ्यूचर ग्रुप के संस्थापक किशोर बियानी ने दो हफ्ते पहले अमेरिका में ऐमजॉन के संस्थापक जेफ बेजोस से मुलाकात की थी। इसमें दोनों के बीच संभावित गंठबंधन पर चर्चा हुई। देश में ऑर्गनाइज्ड फूड और ग्रॉसरी मार्केट के एक तिहाई हिस्से पर फ्यूचर ग्रुप का कब्जा है। बियानी कुछ समय पहले चीन गए थे, जहां उनकी मुलाकात अलीबाबा के अधिकारियों से हुई थी। वह चीन की कंपनी का बिजनस मॉडल समझने वहां गए थे। बियानी उस मॉडल को भारत में आजमाना चाहते हैं।

ऐमजॉन के साथ बियानी की बातचीत से वाकिफ तीन सूत्रों में से एक ने बताया, 'फ्यूचर ग्रुप कंपनी में स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टर लाने की सोच रहा है, जबकि ऐमजॉन भारत में ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन मौजूदगी भी चाहता है। खासतौर पर उसकी दिलचस्पी ग्रॉसरी रिटेलिंग सेगमेंट में इस रणनीति को आजमाने की है।' सूत्र ने बताया, 'दोनों कंपनियों के संस्थापकों की मुलाकात ऐमजॉन के सिएटल बेस्ड हेडक्वॉर्टर में हुई। दोनों ने भारतीय रिटेल मार्केट पर बातचीत की। इस पर चर्चा हुई कि किस तरह के अलायंस से दोनों कंपनियों को फायदा हो सकता है।' 

एक सूत्र ने बताया कि बियानी के पास स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टर के मामले में बहुत विकल्प नहीं हैं क्योंकि कुछ ही ग्लोबल प्लेयर्स के पास भारत में बिजनस बढ़ाने की भूख और उसके लिए पैसा है। उन्होंने कहा कि वहीं ऐमजॉन के नजरिए से देखें तो फ्यूचर ग्रुप उसके लिए अच्छा पार्टनर हो सकता है। बियानी के ग्रुप के पास ऑफलाइन रिटेल मॉडल है। फूड और नॉन-फूड आइटम्स का बियानी ने मुनाफे वाला बिजनस खड़ा किया है। देश के बड़े हिस्से में फ्यूचर ग्रुप की मौजूदगी है। उसकी ताकत अपैरल, जनरल मर्चेंडाइज, लगेज और फुटवियर सेगमेंट में है। ऐमजॉन को शायद यह भी लग रहा है कि अलीबाबा या सॉफ्टबैंक के फ्यूचर ग्रुप में हिस्सेदारी खरीदने से उसकी चुनौतियां भारत में बढ़ सकती हैं। इस खबर के लिए ईमेल से पूछे गए सवालों का फ्यूचर ग्रुप और अलीबाबा ने जवाब नहीं दिया, जबकि ऐमजॉन ने कहा कि वह अटकलों पर प्रतिक्रिया नहीं देती। 

एक रिटेल ऐनालिस्ट ने कहा कि ऐमजॉन अपनी इन्वेस्टमेंट यूनिट के जरिए भारत की रिटेल कंपनी में निवेश कर सकता है। वह उसी तरह से फ्यूचर ग्रुप में हिस्सेदारी ले सकती है, जिस तरह से उसने शॉपर्स स्टॉप में 5 प्रतिशत लिया है। भारत में ऐमजॉन ने सेबी के पास फॉरन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर के तौर पर रजिस्ट्रेशन कराया है। इसलिए वह देश की किसी रिटेल कंपनी में 49 प्रतिशत तक हिस्सेदारी ले सकता है। 

Source:Agency