बाघों की गणना के लिए अचानकमार अभयारण्य में लगेंगे 400 कैमरे

By Jagatvisio :07-02-2018 07:59


रायपुर। बाघों की गणना में अचानकमार टाइगर रिजर्व स्टाफ को कोई खास अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है। यहां सिर्फ 5 बाघों के ही पद चिन्‍ह मिले हैं, जबकि इसके लिए 300 से स्टाफ की ड्यूटी लगाई थी। इसके साथ ही बाघों के मूवमेंट की निगरानी के लिए लगे 800 कैमरों में एक बाघ की तस्वीर ही कैद हो पाई है।

ऐसे में फिर से गणना करने नेशनल टाइगर रिजर्व अथॉरिटी ने दिशा-निर्देश दिए हैं, लेकिन अचानकमार टाइगर रिजर्व ने अपने यहां लगे सभी कैमरों को अपडेट और नाइट विजन कैमरों की संख्या बढ़ाने की योजना बना डाली है। उनकी दलील है कि इसमें 400 से अधिक तो ठीक है।

इसके अलावा लगाए गए 400 कैमरों को अभी बाघों के संभावित इलाकों को लगाए जाने में चूक हो गई थी। इसमें अधिकांश कैमरों के तकनीकी सिस्टम को फिर से ठीक करने के बाद लगाए जाएंगे। वहीं ऐसे स्थानों को चिन्हित किया जाएगा, कहां और भी बाघों का मूवमेंट रहता है। उस हिसाब से नाइट विजन कैमरों को लगाया जाएगा।

इस बार सख्ती, भौतिक सत्यापन रिपोर्ट को ही मानेंगे

इस बार नेशनल टाइगर रिजर्व अथॉरिटी ने सभी टाइगर रिजर्व के क्षेत्र में मौजूद बाघों की गिनती के लिए गणना के तरीके को बदल दिया है। अब हर हाल में भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट को ही वे मानेंगे, जबकि पूर्व में बाघों के कुछ पदचिन्‍हों के आधार पर ही एक अनुमानित संख्या हर बार कागजों में दर्ज कर दी जाती थी, लेकिन अब जो बाघ नाइट विजन कैमरों की निगहबानी में आएंगे, उसे ही मानेंगे।

2 सौ स्क्वॉयर फीट एरिया में एक नाइट विजन कैमरा

दो सौ स्क्वॉयर फीट एरिया में एक नाइट विजन कैमरे को लगाने का प्रावधान है। विभाग के मुताबिक अभी एक बड़ा हिस्सा इससे अछूता है। जिसे अब पूरा कवर करने के लिए 400 नाइट विजन कैमरे लगाए जाएंगे। वहीं रिजर्व की वे सीमाएं जो आबादी वाले इलाकों से सटी हैं। वहां भी कमैरे लगेंगे। इसके लिए पूर्व में ही प्लानिंग की गई थी, लेकिन बजट के आभाव में परवान नहीं चढ़ पाईं थीं।

इनका कहना है

अभी और नाइट विजन कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक टाइगर रिजर्व क्षेत्र की एरिया का क्षेत्र कवर हो सके। गणना कार्य कैमरों को अपडेट करने और नए लगाए जाने के बाद फिर शुरू होगी। 

- मनीष पांडेय, डिप्टी डॉयरेक्टर, अचानकमार टाइगर रिजर्व

Source:Agency