RPF जवानों की वर्दी में लगेंगे कैमरे, रायपुर में बनेगा कंट्रोल रूम

By Jagatvisio :07-02-2018 08:00


भिलाई। दुर्ग से रायपुर, बिलासपुर और नागपुर तक चलने वाली ट्रेनों में चलने वाले आरपीएफ स्कॉटिंग टीम के जवानों की वर्दी में जल्द ही कैमरे लगाए जाएंगे। उक्त कैमरों से ट्रेनों में सवार संदिग्धों के साथ ही रेलवे का नियम तोड़ने वालों की भी पहचान हो सकेगी।

अहमदाबाद में कैमरे लगाने के बाद दूसरे चरण में रायपुर मंडल में कैमरे लगाए जा रहे हैं। प्रारंभिक तौर पर कैमरों की रिकॉर्डिंग कैमरों में ही सेव होगी, बाद में उसका कंट्रोल रायपुर में बनाया जाएगा। हावड़ा-मुंबई रूट पर दुर्ग रेलवे स्टेशन से होकर कुल 132 ट्रेनें गुजरती है।

दुर्ग स्टेशन से 20 ट्रेनों में आरपीएफ के जवान चढ़ते हैं। वहीं रायपुर मंडल में कुल 51 ट्रेनों में आरपीएफ की स्कॉटिंग टीम ट्रेनों में सवार होती है। उक्त टीम चलती ट्रेनों में विकलांग बोगी, महिला बोगी सहित आरक्षित बोगियों में सवार यात्रियों की सुरक्षा और संदिग्ध लोगों की जांच करती है।

रेलवे को अभी आम तौर पर स्कॉटिंग टीम द्वारा बेजा वसूली और लोगों को बिना वजह परेशान करने की शिकायतें मिल रही थी। कई बार आरपीएफ के जवान भी यात्रियों के बद्सलूकी का शिकार हो रहे थे। इन घटनाओं पर विराम लगाने और घटना होने की स्थिति में सच्चाई को सामने लाने के लिए आरपीएफ के जवानों में कैमरे लगाने का निर्णय लिया गया है।

ट्रेनों में चलने वाली आरपीएफ स्कॉटिंग टीम में एक एएसआई और चार आरक्षक होते हैं। कर्मचारियों के कंधे पर कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों में रोजाना की पूरी गतिविधियों की रिकॉर्डिंग होगी, जिसे आरपीएफ के कंप्यूटर पर ही देखा जा सकेगा। रिकॉर्डिंग में किसी भी प्रकार की छेड़खानी या काट-छांट नहीं हो सकेगी।

कैमरे लगाने से होंगे ये फायदे 

आरपीएफ जवानों की वर्दी में कैमरे लगाए जाने के बाद ट्रेन में सवार कोई भी व्यक्ति उनसे जो भी बात करेगा, उसकी पूरी रिकॉर्डिंग कैमरे में होगी। यदि आरपीएफ के जवान खुद भी रिश्वत मांगते हैं तो उसकी रिकॉर्डिंग भी कैमरे में हो जाएगी। इसके अलावा यदि कोई यात्री ट्रेन में धूम्रपान करता है या दरवाजे पर बैठकर यात्रा करता है तो वो गतिविधियां भी रिकॉर्डिंग के रूप में आरपीएफ के पास होगी। जिसे कार्रवाई के दौरान साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा।

संदिग्ध और अनाधिकृत पर रहेगी नजर 

ट्रेनों में संदिग्ध और अनाधिकृत लोगों पर नजर रखना बड़ी चुनौती होती है। हर ट्रेनों में बिना वेंडर लाइसेंस लिए ही कोई भी व्यक्ति आरक्षित बोगी में चढ़ जाता है और प्रतिबंधित सामान बेचता है। ऐसे लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती।

आरपीएफ के जवानों को पैसे देकर ये लोग धड़ल्ले से ट्रेनों में कारोबार करते हैं। कैमरे लगाए जाने के बाद ऐसे लोगों पर भी नजर रखी जा सकेगी। यदि आरपीएफ के जवान इन पर कार्रवाई नहीं करते तो रिकॉर्डिंग के आधार पर जवानों पर कार्रवाई होगी।

जल्द ही लगाएंगे कैमरे

आरपीएफ स्कॉटिंग पार्टी के जवानों की वर्दी में जल्द ही कैमरे लगाए जाएंगे। इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से निर्देश मिले हैं। कैमरों की खरीदी की जा रही है। कैमरों की रिकॉर्डिंग उसी में सेव होगी। - अनुराग मीणा, कमांडेंट, आरपीएफ रायपुर मंडल

Source:Agency