डीए प्रोगेसिव फ्रीज होने से टाटा यूनियन और मजदूरों में उबाल

By Jagatvisio :08-02-2018 08:00


टाटा स्टील वेस्ट बोकारो डिविजन में कार्यरत लगभग 3 हजार मजदूरों के टाटा कोल माइन वेज एग्रीमेंट के बाद मजदूरों को मिले पहले वेतन में डीए प्रोगेसिव फ्रीज हो जाने से वेस्ट बोकारो में मजदूरों और श्रमिक नेताओं में उबाल आ गया है। आनन-फानन में राकोमसं अध्यक्ष मोहन महतो ने मंगलवार की शाम मजदूरों की आपात बैठक संघ कार्यालय में बुलाई। जिसमें डीए फ्रीज हो जाने से परेशान सैकड़ों मजदूरों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर मजदूरों को संबोधित करते हुए मोहन महतो ने कहा कि हम लोगों ने डीए फ्रीज से संबंधित किसी एग्रीमेंट में हस्ताक्षर नहीं किया हैं। इसके बावजूद टाटा प्रबंधन हम सभी के साथ धोखा किया है। जबकि हम लोग जो एग्रीमेंट किये थे संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद सिंह ने भी वेस्ट बोकारो आकर सभा के माध्यम से मजदूरों को उसकी सूचना दी थी। उन्होंने कहा कि इस बात को लेकर वह जीएम के साथ भी वार्ता किये। जीएम ने लिखित मांगा और हम लोगों ने लिखित रुप से दिया। इसके बावजूद मजदूरों की कमाई को काट लिया गया। उन्होंने प्रबंधन को चार दिन का वक्त देते हुए कहा कि इस फ्रीज को हटाए अन्यथा इतिहास में पहली बार हजारों मजदूर कार्य स्थल पर काला बिल्ला लगाकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध प्रदर्शन करेंगे। इससे भी अगर प्रबंधन नहीं सुनता है तो मजदूरों के साथ बैठक कर रणनीति बनाई जाएगी। इसके उपरांत मजदूर नेता सैकड़ों मजदूरों के साथ कैंडल शांति मार्च निकाला जो कार्यालय से चलकर परचेज गेट के समीप सर दोराबजी जमशेदजी टाटा की प्रतिमा के समक्ष रुककर दीप प्रज्जवलित किया और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। बुधवार को 11 बजे तय रणनीति के अनुरुप परचेज गेट के समीप सैकड़ों मजदूरों ने धरना प्रदर्शन और जनसभा कर टाटा प्रबंधन पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए इस लड़ाई को आगे जारी रखने का संकल्प लिया। मौके पर मुख्य रुप से संघ के सचिव निरंकुश मिश्रा, कैलाश गोप, मुन्ना विश्वकर्मा, मो. तारीक, इरनुस कुजूर, बाबूलाल मरांडी, आनंद प्रसाद, मेवालाल महतो, सुरेश प्रसाद, श्रीराम गोप, निर्दोष झा सहित अन्य नेतागण मौजूद थें।
 

Source:Agency