नोएडा: बिल्डरों ने निवेशकों का पैसा किया इधर - उधर, मामला दर्ज

By Jagatvisio :12-02-2018 05:36


नई दिल्ली। नोएडा के विभिन्न सेक्टरों में आम आदमी के घर के सपने को साकार करके देने वाले 11 बिल्डरों की ऑडिट रिपोर्ट में बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर प्राधिकरण ने नोएडा के 14 बिल्डरों के ऑडिट जांच की थी, जिसके लिए प्राधिकरण ने एमएनसी कंपनी करी एंड ब्राउन इंडिया प्रा.लि. से अनुबंध किया था।

कंपनी ने अपनी ऑडिट पूरी कर रिपोर्ट प्राधिकरण को सौंप दी है। इसमें ऐसे 11 बिल्डरों की गड़बड़ी सामने आई है, जिन्होंने बायर्स का पैसा प्रोजेक्ट में न लगाकर डायवर्ट कर अन्य प्रोजेक्ट्स में लगा दिया। इसके चलते प्राधिकरण ने इन बिल्डरों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है। 

प्राधिकरण द्वारा पहले चरण में 14 बिल्डर के 36 हजार फ्लैट का ऑडिट कराया गया है। कंपनी ने ऑडिट रिपोर्ट करीब 45 दिनों में प्राधिकरण के अधिकारियों के समक्ष पेश की है। इसमें 11 बिल्डरों द्वारा प्रोजेक्ट का पैसा कहीं और डायवर्ट करने की बात सामने आई है। साथ ही इन बिल्डरों ने प्राधिकरण की बकाया राशि भी वर्तमान तक जमा नहीं कराई है, जिसके चलते प्राधिकरण द्वारा इन सभी बिल्डरों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा है।

प्राधिकरण सूत्रों के मुताबिक जिन बिल्डरों को नोटिस जारी किया गया है उन्होंने करीब 1500 करोड़ की हेरफेरी की है, जिसके चलते बायर्स द्वारा पैसा जमा करने के बाद भी उन्हें घर नहीं मिल सके हैं। वहीं प्राधिकरण के अधिकारियों की मानें तो अभी और भी बिल्डरों का ऑडिट बाकी है और जो भी बिल्डर गड़बड़ी कर रहा है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नोएडा में चल रहे हैं 94 प्रोजेक्ट शहर में करीब 94 बिल्डर प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिसमें आम आदमी ने एक घर का सपना साकार करने के लिए बिल्डर के पास किस्तों में पूरी रकम बैंक लोन व अन्य कर्ज लेकर जमा की थी। वहीं कई लोगों ने अपने पूरे जीवन की गाढ़ी कमाई भी बिल्डरों को फ्लैट के लिए दे रखी है।

पूरी रकम जमा करने के बाद भी फ्लैट ना मिलने पर अब शहर के हजारों बायर्स रोज शासन व प्रशासन से घर दिलाने की मांग कर रहे हैं। वहीं कई बिल्डर खुद को दिवालिया घोषित करने की कोशिश में जुटे हुए हैं, जिसके चलते आए दिन बायर्स बिल्डरों पर पैसों का गबन करने और उनका पैसा दूसरे प्रोजेक्ट्स में लगाने का आरोप लगा रहे हैं। 

Source:Agency