सोनू हाथी को जंगल में छोड़ने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

By Jagatvisio :12-02-2018 06:22


रायपुर। प्रदेश के अचानकमार टाइगर रिजर्व में पकड़कर रखे गए सोनू हाथी को पुनः जंगल में पुनर्वासित करने की मांग सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। राजधानी निवासी नितिन सिंघवी ने सर्वोच्च न्यायालय में स्पेशल लीव पिटीशन दायर की है। बता दें कि मुख्य न्यायधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खनविलकर और न्यायमूर्ति डीवाय चन्द्रचूड़ की पूर्ण पीठ ने इसके पहले 9 जनवरी, 2018 को आदेशित किया था।छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने सोनू हाथी को वापस जंगल में पुनर्वासित किए जाने के संबंध में जो दिशा-निर्देश दिए हैं, उनका पालन नहीं किए जाने पर याचिकाकर्ता पुनः हाईकोर्ट जा सकते हैं।

मुख्य वन जीव संरक्षक को आदेश दिया गया था कि सोनू को पकड़कर वापस हाथियों के उचित रहवास में छोड़ा जाए। आरोप है कि इस आदेश के बावजूद वन विभाग के अधिकारियों ने 1 दिसम्बर 2015 से सोनू हाथी को बंधक बनाकर रखा हुआ है।

यह है मामला

लंबे समय तक सोनू हाथी को बंधक बनाकर रखे जाने के कारण छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नितिन सिंघवी की ही याचिका पर जुलाई 2017 में त्रिशूर केरल के कॉलेज ऑफ वेटनरी और एलीफेंट सॉइंस के असिस्टेंट प्रोफेसर और प्रोजेक्ट डायरेक्टर (सेन्टर फार स्टडी आफ ऐलीफेंट ) डॉ. राजीव टीएस को हाथी की जांच कर रिपोर्ट देने हेतु आदेशित किया था। डॉ. राजीव टीएस ने रिपोर्ट में उल्लेखित किया कि सोनू और बंधक बना कर रखे गए तीन और हाथियों को जंगल में छोड़ा जाना चाहिए और किसी भी हालत में चारों को चेन से बांध कर नहीं रखा जाना चाहिए।
 

Source:Agency