भूकंप के बड़े झटके आने के पहले मिलेगी चेतावनी

By Jagatvisio :11-05-2018 07:11


भूंकंप के झटकों की पूर्व चेतावनी देने वाले अलार्म अक्सर बड़े झटकों के बारे में ऐन वक्त पर आगाह करते हैं। जिससे सुरक्षित जगह पर पहुंचने के लिए वक्त बहुत कम मिलता है। सुरक्षित जगह पर जाने की मोहलत भी तभी मिल पाती है जब खतरे की घंटी ठीक वक्त पर बज जाए। वैज्ञानिकों ने पाया है कि आम तौर पर बड़े भूकंपों की चेतावनी मिलने में देर होती है।

भूकंप पृथ्वी की टेक्टॉनिक प्लेटों के  आपस में रगड़ खाने से बनते हैं। प्लेटों की रगड़ के कारण तरंगें (वेव्स) बनती हैं और आगे बढ़ती हैं। जिस कारण भूकंप बनते हैं। सबसे पहले प्रायमरी   तरंगें बनती हैं जो तीव्र गति से चलती हैं। घ् तरंगें अनुदैर्घ्य तरंगें होती हैं यानि जिस दिशा में ये चलती हैं उसी दिशा में कम्पन होता है। इनके कारण नुकसान अपेक्षाकृत कम होता है। इसके बाद च् तरंगें बनती हैं, जो धीमी गति से आगे बढ़ती हैं। तरंगें अनुप्रस्थ तरंगें होती हैं यानि जिस दिशा में तरंगें आगे बढ़ती हैं उसके लम्बवत दिशा में कम्पन होता है। जिनके कारण भूकंप के बड़े झटके पैदा होते हैं और नुकसान बड़े पैमाने पर होता है।

तरगें बनने के दौरान $जमीन की हलचल को मापा जाता है। जमीन में कितनी हलचल हुई है इस आधार पर  तरंग का अनुमान लगाया जाता है और आने वाले भूकंप की तीव्रता का पूर्वानुमान किया जाता है। इसके बाद अलर्ट भेजा जाता है। 

शोधकर्ताओं ने साइंस एडवांसेस नामक पत्रिका में बताया है कि बड़े झटके बनने में वक्त लगता है इसलिए अलर्ट पहुंचने में वक्त लग जाता है और भूकंप के केंद्र से दूर के स्थानों पर तो भूकंप पहले आ जाता है।  
 

Source:Agency