CG के सभी अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में पत्थलगड़ी अभियान का ऐलान

By Jagatvisio :14-05-2018 06:54


रायपुर। झारखंड के रास्ते जशपुर पहुंची पत्थलगड़ी की आंधी पूरे छत्तीसगढ़ में फैलती जा रही है। छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज ने राज्य के सभी अनुसूचित जनजाति क्षेत्र में ग्राम सभा के माध्यम से पत्थलगड़ी करने का ऐलान कर दिया है। सत्तारुढ़ भाजपा पत्थलगड़ी को राष्ट्रद्रोह बता रही है, जबकि इसी पार्टी के वरिष्ठ नेता नंद कुमार साय सर्व आदिवासी समाज के संरक्षकों में शामिल हैं। साय अनुसूचित जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। उनका कहना- मैं पहले आदिवासी हूं और समाज का संरक्षक होने में कुछ गलत नहीं है।

सीएम ने कहा परंपरा का पालन करने पर कोई आपत्ति नहीं

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने दो दिन पहले एक प्रेसवार्ता में कहा था कि पत्थलगड़ी आदिवासी परंपरा का हिस्सा है। सैकड़ों साल से आदिवासी इस तरह से पूजा-पाठ करते रहे हैं। इसका कहीं कोई विरोध नहीं है। विरोध उन ताकतों का है जो इसके नाम पर समाज को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। परंपरा के नाम पर कुछ लोग गांव में प्रवेश बंद करना चाहते हैं। सड़क, बिजली व विकास रोकना चाह रहे हैं। यह संविधान विरोधी है।

पुरानी परंपरा है रजिस्टर पर इंट्री

सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष बीपीएस नेताम का कहना है कि गांव में रुकने वाले का नाम, पता आदि दर्ज करने की परंपरा और नियम पुराना है। पहले कोटवार यह काम करते थे, लेकिन समय के साथ इसे भूला दिया गया है। आज भी शहरों में बाहर से आने वालों को थाने में सूचना देने का नियम है। हम क्या गलत कर रहे हैं।

कल से जेल भरने की तैयारी

सर्व आदिवासी समाज ने पत्थलगड़ी मामले में गिरफ्तार आदिवासियों की निःशर्त रिहाई की मांग की है। इसके लिए उन्होंने 14 मई तक की मोहलत दी है। रिहाई नहीं होने पर 15 मई को जेल भरो आंदोलन की चेतावनी दी है। अध्यक्ष नेताम ने कहा कि अब तक इस मामले में सरकार की तरफ से कोई पहल नहीं की गई है। हम भी अपने आंदोलन की घोषणा पर कायम है।

- हां, मैं सर्व आदिवासी समाज का संरक्षक हूं। इसमें गलत क्या है? गांव के गांव धर्मांतरित हो रहे हैं, वह किसी को नहीं दिख रहा है। आदिवासियों की जमीन उद्योगों को दे दी जा रही है, इस पर भी कोई कुछ नहीं बोलता, लेकिन आदिवासी अपने अधिकार की बात कर रहे हैं तो उस पर आपत्ति की जा रही है। - नंद कुमार साय, अध्यक्ष, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग

साय जी का ध्येय दूसरा है

कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ के लिए षडयंत्र पूवर्क आदिवासियों को भ्रमित कर रहे हैं, यह राष्ट्रद्रोह है। जहां तक साय जी का सवाल है तो उनका ध्येय दूसरा है। वे आदिवासियों को समझाने का काम कर रहे हैं। - सच्चिदानंद उपासने, प्रदेश प्रवक्ता भाजपा

Source:Agency