योजनाओं में गड़बड़ी, उधार के भरोसे पंचायतों को किया ODF

By Jagatvisio :17-05-2018 08:08


रायपुर। जिले के गांवों को ओडीएफ घोषित करने युद्धस्तर पर शासन के अभियान चलाया था। इस अभियान ने सभी ग्राम पंचायतों के फंड को खाली कर दिया है। 14 वें वित्त आयोग की सिफारिश पर पंचायतों को दिए गए फंड की राशि भी ओडीएफ के लिए खर्च कर दी गई है।

केंद्र की बड़ी योजनाओं का लक्ष्य पूरा करने के लिए एक तरह से ग्राम पंचायतों पर उधार की गठरी लाद दी गई है। योजनाओं में व्यय राशि का भुगतान समय पर नहीं हो पा रहा इससे गांवों के विकास की दूसरी योजनाएं अटक रही हैं।

अकेले रायपुर जिले की पंचायतों में ही एक करोड़ रुपए से ज्यादा का फंड अटकने की जानकारी प्राप्त हो रही है। जिला पंचायत से शासन को पत्र लिखकर जल्द से जल्द ग्राम पंचायतों के खाते में रकम जमा करने कहा गया है।

निजी खातों से खर्च किए पैसे 

बारिश के पहले गांवों में स्थानीय स्तर पर कई तरह के काम बचे हुए हैं। नाली निर्माण से लेकर सीसी रोड बनाने काम शुरू किया गया है। कुछ ग्राम पंचायतों से सरपंचों का दावा है कि ओडीएफ के लिए उन्होंने अपने निजी खाते और दूसरे निर्माण कार्यों के पैसे शौचालय बनाने में लगवा दिए। धरसींवा, आरंग, अभनपुर और तिल्दा ब्लॉक में ज्यादातर ग्राम पंचायतों में आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई है।

एक से दो महीने में भुगतान का आश्वासन 

ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों का कहना है कि उन्हें निर्माण कार्य पूरा होने के एक से दो महीने में खर्च राशि का भुगतान कर दिया जाएगा, लेकिन अधिकारी केवल निरीक्षण कर लौट गए। अब तक भुगतान नहीं किया गया। निर्माण ठेकेदार अब गांवों में काम करने से कतरा रहे हैं।

चार ब्लॉक में 30 प्रतिशत तक भुगतान स्र्का 

पंचायत जनप्रतिनिधियों के बताए अनुसार ओडीएफ के लिए किए गए निर्माण कार्यों के लिए अभी भी 30 प्रतिशत तक का भुगतान बचा हुआ है। चारों ब्लॉक के 408 ग्राम पंचायतों में ओडीएफ के लिए अभियान चलाया गया।

निजी खर्च से भी बनवाए शौचालय चंदखुरी, जुलूम, धरसींवा, तिल्दा और आरंग क्षेत्र में कई गांव ऐसे हैं जहां पर जनप्रतिनिधियों के भरोसा दिलाने पर लोगों ने अपने निजी खर्च से शौचालय बनाए। 12-12 हजार रुपए मिलने की शर्त पर निर्माण कराया लेकिन उन्हें भी रकम नहीं मिले।

14 वित्तीय योजना की राशि टावरों में भी खर्च 

ग्राम पंचायतों को 14 वित्तीय योजना के अंतर्गत प्रति व्यक्ति विकास खर्च के रूप में 444 रुपए मिलते हैं। गांव की आबादी 1 हजार है तो उस गांव को 4.44 लाख रुपए हर साल मिलेंगे। इसी राशि से मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जबकि दूसरे विकास कार्य पूरे किए जा सकेंगे, लेकिन इसी राशि में से ओडीएफ के लिए खर्च किए गए हैं। बताया यह भी जा रहा है कि ग्राम पंचायतों की तिजोरी से मोबाइल टावर लगाने का भी करार किया गया।

- ज्यादातर ग्राम पंचायतों में ओडीएफ के पैसे अभी भी नहीं मिले हैं। दिशा समन्वय समिति की बैठक में मुद्दा उठाया गया। शासन को पत्र भी लिखा है। - शारदा वर्मा, अध्यक्ष, जिला पंचायत

- अभनपुर ब्लॉक में ही कई गांव में दूसरे निर्माण कार्य अब प्रभावित हो रहे हैं। पंचायत को मिलने वाली राशि दूसरे निर्माण कार्य पर खर्च कर दिए गए हैं। केंद्र से जल्द भुगतान पूरा हो जाने आश्वासन दिया जा रहा। - टिकेंद्र सिंह ठाकुर जनपद सभापति, अभनपुर

Source:Agency