शिल्पकला को प्रोत्साहित करने का अनोखा प्रयास

By Jagatvisio :09-07-2018 06:47


आजकल की युवा पीढ़ी ऐसे क्षेत्रों में अपना करियर बना रही है जो हमारी सोच से परे हैं, जैसे कई इंजीनियर ग्रेजुएट बड़ी बड़ी कंपनियों में लाखों का पैकेज छोड़कर अपनी सोच, रूचि को करियर का रूप दे रहे हैं। जैसे कोई एनजीओ खोलना, चाय को नए अंदाज व प्रकारों में बेचना, ब्लॉग लिखना, इत्यादि।
ऐसे ही हमारे युवा राकेश वर्मा है जिन्होंने शांतिमन की स्थापना कर अपने शौक व जूनून को जिंदा रखा हैं। राकेश वर्मा इंदौर के एक जाने माने शिल्पकार है जो मूर्तिया बनाते हैं लेकिन उन्हें व्यक्तिकृत रूप देने के लिए मूर्तियों का छोटा रूप बनाते है जिसे मिनिएचर कहा जाता है। वे बताते हैं कि आने वाली पीढ़ी इस दिशा में भी अपना सफल करियर बना सकती है। राकेश वर्मा कहते हैं कि आज का दौर गिफ्टिंग का दौर है, लोग ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं खासकर युवा पीढ़ी, कोई भी कलाकार अपने इस शौक को करियर के रूप में बनाते हुए अपनी कलाकृतियों को ऑनलाइन बेच सकता है और इस तरह कमाई का एक जरिया बना सकता है। आज आए दिन कोई न कोई डेज़ सेलिब्रेट किए जाते हैं जैसे फादर्स डे, मदर्स डे, फ्रेंडशिप डे, इत्यादि और इन दिनों पर अपने संबंधित परिवारजनों व मित्रों को गिफ्ट दिए जाते हैं। तब मिनिएचर जैसे पर्सनलाइज्ड गिफ्ट देना एक अच्छा आइडिया है। इस तरह ये गिफ्ट क्लाइंट्स को भी दिए जा सकते हैं, इन मिनिएचर को प्राप्त करने वाले को एक खास तरह का अनुभव होता है क्योंकि इन्हें खास उनके लिए बनाया जाता है जिसे हम यह गिफ्ट करते हैं।
साथ ही राकेश वर्मा शांतिमन में शिल्पकला का प्रशिक्षण देने की सुविधा देते हुए कहते हैं कि आज तक इस तरह के प्रशिक्षण को निःशुल्क प्रदान करने का प्रस्ताव किसी ने नहीं दिया है। वे शांतिमन को एक संस्थान के रूप में ऐसे कलाकारों के लिए विकसित करना चाहते हैं जो इस कला को सीखने के इच्छुक हैं लेकिन सही मार्गदर्शन की तलाश में हैं। इंदौर में ऐसे कई कलाप्रेमी है जो इस कला का अभ्यास तो करते हैं लेकिन वह उन तक ही सीमित है। राकेश वर्मा अपनी यह कला सभी के सामने लेकर आए हैं। शांतिमन एक मात्र ऐसा स्थान होगा जहां कलाप्रेमी इस कला को निःशुल्क सीख सकते हैं। हालांकि देश में शिल्पकला सीखाने वाली अन्य संस्थान हैं लेकिन वे काफी महंगी है जिसके लिए लोगों को एक बड़ी धनराशि की आवश्यकता होगी तथा शहर से बाहर भी जाना पड़ेगा। राकेश वर्मा का कला के प्रति प्रेम व आस्था सराहनीय है।

Source:Agency