तेंदूपत्ता संग्रहणकर्ता के मुखिया की सामान्य मौत पर मिलेगा दो लाख

By Jagatvisio :12-07-2018 09:25


रायपुर। प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले परिवार को एक और तोहफा दिया है। तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले परिवार के मुखिया के लिए सरकार ने नई बीमा योजना शुरू की है। इस बीमा योजना के तहत तेंदूपत्ता संग्रहणकर्ता के मुखिया की साधारण मौत पर दो लाख रुपये तथा दुर्घटना में मौत होने पर तात्कालिक चार लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में लु वनोपज सहकारी समितियों के माध्यम से करीब 13 लाख परिवार तेंदूपत्ता संग्रहण कर रहे हैं। प्रदेश में नई बीमा योजना की शुरूआत कर दी गई है, जल्द इसका फायदा संग्रहणकर्ता के परिवार को मिलने लगेगा।

छत्तीसगढ़ लघु वनोपज समितियों के अधिकारियों ने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य में लगे परिवारों के लिए वर्तमान में आम आदमी नामक बीमा योजना चलाई जा रही थी।

इस बीमा योजना के तहत परिवार के मुखिया की मौत पर तीस हजार रुपये की राशि प्रदान की जाती थी लेकिन अब इस बीमा योजना की जगह पर जीवन ज्योति नामक बीमा योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत तेदूंपत्ता संग्राहकों के मुखिया की मौत पर दो लाख रुपये बीमा राशि प्रदान की जाएगी। मुखिया की अचानक मौत के बाद संग्रहणकर्ताओं के परिवार को राहत मिलेगी।

घर के सदस्य की मौत पर दस हजार

तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले परिवार के किसी भी सदस्य की मौत पर भी बीमा योजना के तहत दस हजार रुपये बीमा राशि के रूप में राशि प्रदान की जाएगी। जिससे परिवार को आर्थिक रूप से मदद मिल सके।

12 लाख पुरुषों को मिलेगी चरण पादुका

विभाग ने महिला तेंदूपत्ता संग्राहकों के प्रत्येक परिवार के एक महिला सदस्य जिसमें कुल 11 लाख चरण पादुका का वितरण किया है। इसके साथ ही 12 लाख पुरुष संग्राहकों को चरण पादुका बांटने का तैयारी विभाग कर रहा है । विभाग जल्द इसका टेंडर जारी करेगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी कर नवंबर में चरण पादुका बांटी जाएगी।

फड मुंशी को साइकिल वितरण

प्रदेश में प्राथमिक लघु वन उपज समितियों में कुल 10279 फड़ मुंशी हैं। ग्रामीण अंचलों में फड मुंशियों को वन विभाग ने साइकिल वितरण किया है, जिससे मुंशियों को फड पर पहुंचने में आसानी हो सकेगी।

तेंदूपत्ता संग्राहकों के मुखिया के लिए अभी तक आम आदमी बीमा योजना चलाई जा रही थी, इस योजना के तहत परिवार के मुखिया की मौत पर आश्रितों की मौत पर तीस हजार रुपये दिए जाते थे, अब प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना से इन्हें संबंद्ध किया गया है। - कौशलेंद्र कुमार, अधिशासी निदेशक राज्य लघु वन उपज संघ रायपुर।

Source:Agency