बाबा रामदेव का बड़ा बयान- सिर्फ रुपया ही नहीं गिरा, देश की साख भी गिरी

By Jagatvisio :14-09-2018 07:47


योगगुरु बाबा रामदेव ने देश की अर्थव्यवस्था पर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि आज रुपया ही नहीं गिर रहा, देश की साख भी गिर रही है. बाबा ने कहा कि विदेशी कंपनियां भारत में पैसा कमाकर सारा धन अपने देश ले जाती है. यही हाल रहा जल्द ही एक डॉलर की कीमत 80 रुपये के बराबर भी हो जाएगी.  

आजतक के कार्यक्रम हल्ला बोल में बाबा रामदेव ने कहा कि कोलगेट जैसी कंपनियां यहां कमाकर सारा धन अपने देश ले जाती हैं. कोलगेट ने देश में कौन सी गोशाला, विद्यालय, अस्पताल खोल दिए हैं? आज वो पूछ रहे हैं कि आपके पेस्ट में नमक है? आज उन्हें नमक, नीम और बबूल याद आ रहा है. अपने देश का रुपये अपने देश में होना चाहिए. और अब तो रुपये का इतना बुरा हाल हो गया है. रुपया ही नहीं गिरा, देश की साख भी गिरी है.

बाबा ने कहा कि देश को मजबूत करने के लिए देश के हर नागरिक को, चाहे वो किसान हो, जवान हो, बिजनेसमैन हो, जो जहां पर है, वहां दो-दो हाथ अगर काम पर लग जाएंगे तो वे अपनी मेहनत से बिना किसी राजनीतिक दल के एक नया भारत बना लेंगे. तभी जाकर रुपये का अवमूल्यन रुकेगा.

योगगुरु ने कहा कि आज डॉलर के सामने रुपये की कीमत 70 हो गई है. हो सकता है कि कल 80 रुपये देकर हमें एक डॉलर खरीदना पड़े. जब हिन्दुस्तान आजाद हुआ था, उस समय रुपया और डॉलर एक बराबर था.

गौरतलब है कि बाबा रामदेव ने अपना कारोबार बढ़ाते हुए आज पतंजलि का दूध और पनीर भी लॉन्च कर दिया.

'सरकार चाहे तो सस्ता कर सकती है तेल'

बाबा रामदेव ने कहा, 'यह सच बात है कि कुछ दिन पहले तक क्रूड ऑयल के दाम निचले स्तर पर थे, अभी थोड़ा सा बढ़ा है. उसके बावजूद भी यदि टैक्स कम कर दिया जाए तो तेल के दाम कर हो सकते हैं. पेट्रोल-डीजल के दामों में जो आग लगी हुई है, अगर इसका टैक्स खत्म कर दिया जाए तो आज भी 40 रुपये में डीजल-पेट्रोल मिल सकता है.'

'2019 से पहले बुझानी पड़ेगी आग'

प्रधानमंत्री मोदी आपकी सब बात सुनते हैं, इस बात पर उन्होंने कहा, 'यही कारण है कि मैं आजतक के कार्यक्रम हल्ला बोल के माध्यम से भी यह बात उन तक पहुंचा रहा हूं. मोदी जी अभी सही सलामत हैं, न वो बहरे हैं, न गूंगे हैं, मुझे लगता है वो जरूर सुन भी रहे हैं. आज भी सुन रहे होंगे और आगे भी हम उन्हें सुनाएंगे. उन्होंने कहा कि 2019 का महासंग्राम नजदीक है. उससे पहले उनको ये महंगाई की आग बुझानी पड़ेगी, नहीं तो यह आग उन्हें बहुत महंगी पड़ेगी.

Source:Agency