डेब्यू टेस्ट में खेलते वक्त अपने पिता के बारे में सोच रहे थे पृथ्वी शॉ

By Jagatvisio :05-10-2018 07:50


राजकोट: अपने डेब्यू टेस्ट मैच में शतक जड़ने वाले पृथ्वी शॉ ने कहा कि वे इंग्लैंड में कड़ी परिस्थितियों में भी अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के लिए अच्छी तरह तैयार थे. उन्होंने कहा, ‘यह कप्तान और कोच का फैसला था. मैं इंग्लैंड में भी तैयार था लेकिन आखिर में मुझे यहां मौका मिला.’ उन्होंने एक सवाल पर कहा कि वे खेलते वक्त अपने पिता के बारे में सोच रहे थे. 

पृथ्वी को इंग्लैंड के खिलाफ अंतिम दो टेस्ट मैचों के लिए टीम में शामिल किया गया था, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिला. इसके बाद उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मैच में मौका दिया गया. उन्होंने इस मैच में 134 रन बनाकर स्वर्णिम शुरुआत की. वे अभी 18 साल 329 दिन के हैं और अपने पदार्पण टेस्ट मैच में शतक जड़ने वाले सबसे युवा भारतीय हैं. 

विराट ने कहा- कोई जूनियर या सीनियर नहीं 
पृथ्वी शॉ ने कहा, ‘लेकिन इंग्लैंड में अनुभव शानदार रहा. टीम में मैं सहज महसूस कर रहा था. विराट भाई ने कहा कि टीम में कोई सीनियर या जूनियर नहीं होता है. पांच साल से भी अधिक समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम में साथ में रहना बहुत अच्छा अहसास है. अब सभी दोस्त हैं.’ 

मैच से पहले थोड़ा नर्वस थे पृथ्वी शॉ 
पृथ्वी मैच से पहले थोड़ा नर्वस थे. उन्होंने कहा, ‘मैं शुरू में थोड़ा नर्वस था, लेकिन कुछ शॉट अच्छी टाइमिंग से खेलने के बाद सहज हो गया. इसके बाद मैंने किसी तरह का दबाव महसूस नहीं किया. मुझे गेंदबाजों पर दबदबा बनाना पसंद है और यही मैं कोशिश कर रहा था. मैंने कमजोर गेंदों का इंतजार किया.’ 

कुछ भी नया करने की कोशिश नहीं की 
पृथ्वी शॉ ने रणजी और दलीप ट्राफी में डेब्यू मैच में शतक जमाया था. उन्होंने कहा, ‘मैं जब भी क्रीज पर उतरता हूं तो गेंद के हिसाब से उसे खेलने की कोशिश करता हूं. इस मैच में भी मैं इसी मानसिकता के साथ खेलने के लिए उतरा. मैंने यह सोचकर कि यह मेरा पहला टेस्ट मैच है कुछ भी नया करने की कोशिश नहीं की. मैंने उसी तरह का खेल खेला जैसे मैं भारत ए और घरेलू क्रिकेट में खेलता रहा हूं.’ 

Source:Agency