आया का काम करती थी विधवा मां, हॉकर बेटे के कर दिया अनोखा आविष्कार

By Jagatvisio :06-10-2018 07:47


बिलासपुर । नई दिल्ली के आइआइटी भवन में आयोजित इनोवेशन फेस्टिवल के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन बाल वैज्ञानिक अतुल अग्रवाल से मुखातिब थे, उधर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में अतुल की विधवा मां टीवी पर यह नजारा टकटकी लगाए देख रही थी। उनके लिए वक्त मानो थम गया था। टीवी पर दिख रहे उस नजारे में मानो जीवन का सार सिमट आया था।
बेटे की यह उपलब्धि देख मां की आंखों से आंसू बह रहे थे। एक छोटे से स्कूल में आया का काम करने वाली सरस्वती अग्रवाल का बेटा अतुल मोदी और पुतिन को अपने आविष्कार "मोक्षा" की बारीकियां समझा रहा था।
सरस्वती को महीने में इतनी तनख्वाह भी नहीं मिलती कि घर का गुजारा चल जाए। जैसे-तैसे घर चलाने के साथ ही बेटा अतुल व बेटी अर्पिता को तालिम दे रही हैं। उनकी कड़ी मेहनत और भरोसे पर अतुल खरा उतरते दिखाई दे रहा है।

सरस्वती से जब हमने पूछा, आज कैसा लग रहा है? इतना पूछना था कि उनकी आंखों से आंसू बहने लगे। खुशी के आसुंओं के बीच उनका गला रुंध आया। पांच मिनट कुछ बोल नहीं पाई। बोलीं, अतुल ने पीढ़ियों का नाम रोशन कर दिया है। हम तो ख्वाब में नहीं सोच सकते थे। हमारी हैसियत ही क्या है। हमारे जैसे बेहद साधारण परिवार में रहने वाले किसी मंत्री या ऊंचे ओहदे वालों के साथ बात करने की सोच नहीं सकते। बेटे को प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से बात करते देख जीवन सफल हो गया।

Source:Agency