#MeToo:अकबर पर लगे आरोपों पर सुषमा के बाद अब सीतारमण ने भी साधी चुप्पी

By Jagatvisio :11-10-2018 07:23


केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में दो अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल कर महिला शक्ति को मज़बूत कर रहीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने सहयोगी मंत्री एमजे अकबर के खिलाफ लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों पर सवाल को टाल दिया.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जहां मंगलवार को अकबर पर लगे आरोपों की जांच के सवालों को नज़रअंदाज़ कर आगे बढ़ गईं. वहीं रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने सीएनएन न्यूज़18 को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि वह इस सवाल का जवाब देने के लिए सही व्यक्ति नहीं हैं. ये दोनों ही मंत्री सुरक्षा पर बनी शक्तिशाली कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) की हिस्सा हैं.

देश भर में चल रहे #MeToo मूवमेंट पर निर्मला सीतारमण ने कहा कि 'मैं उन महिलाओं के साहस का समर्थन करती हूं जो इस बारे में सबके सामने बात कर रही हैं. जिन महिलाओं ने इसे झेला है, उनके लिए यह मुश्किल स्मृति है.'
हालांकि जब उनसे अकबर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि 'मैं इस बारे में ज्यादा बात नहीं कर सकती.' उन्होंने कहा 'मैं शायद इस सवाल का जवाब देने के लिए सही व्यक्ति नहीं हूं.' यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद कांग्रेस ने मांग की है कि अकबर सफाई दें नहीं तो अपने पद से इस्तीफा दें.
इस क्रम में सबसे पहले जर्नलिस्ट प्रिया रमानी ने पिछले साल मैग्ज़ीन के लिए एक स्टोरी में बिना उनका नाम लिए उस गलत व्यवहार के बारे में लिखा था. अब उन्होंने एक ट्वीट के ज़रिए अकबर का नाम लिखकर उन पर आरोप लगाए हैं.

उन्होंने लिखा कि 43 साल के अकबर जब एक प्रमुख अखबार के संपादक थे जब उन्होंने रमानी को आलीशान होटल में नौकरी के इंटरव्यू के लिए उन्हें बुलाया था. रमानी ने आरोप लगाया कि होटल की लॉबी में मिलने के बजाय अकबर ने रमानी को अपने कमरे में मिलने के लिए बुलाया और उन्हें ड्रिंक ऑफर की. उन्होंने ड्रिंक के लिए मना कर दिया फिर भी अकबर ने वोदका पीकर उनके लिए पुराने गाने गाए और रमानी से करीब बैठने के लिए कहा.

रमानी के इस आरोप के बाद तीन अन्य महिला पत्रकारों ने भी अपनी अकबर पर इंटरव्यू के लिए और काम पर बातचीत करने के लिए होटल के कमरे में बुलाने का आरोप लगाया है.  फिलहाल, एमजे अकबर ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

Source:Agency